# महंगाई का झटका जारी! अप्रैल में खुदरा महंगाई 3.48% पर, RBI की चिंता बढ़ी
**नई दिल्ली:** आम आदमी को महंगाई से राहत मिलने की उम्मीदें फिलहाल धरी की धरी रह गईं। अप्रैल 2026 में खुदरा महंगाई दर 3.48% पर पहुंच गई है, जो मार्च के 3.40% से थोड़ी अधिक है। खाने-पीने की चीज़ों और सेवाओं के दामों में बढ़ोतरी इस वृद्धि की मुख्य वजह बताई जा रही है।
**मुख्य बिंदु:**
* **खुदरा महंगाई दर:** अप्रैल 2026 में 3.48% रही, जो पिछले महीने 3.40% थी।
* **खाद्य महंगाई:** उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) 4.20% पर पहुंच गया, जो मार्च में 3.87% था।
* **सब्ज़ियों के दाम:** टमाटर 35.28% तक महंगे हुए, जबकि आलू (-23.69%) और प्याज (-17.67%) की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
* **अन्य वस्तुएं:** चांदी के आभूषणों में 144.34% और सोने, हीरे व प्लैटिनम के आभूषणों में 40.72% की महंगाई देखी गई।
* **RBI का लक्ष्य:** यह दर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4% के मध्यम अवधि के लक्ष्य से अभी भी नीचे है।
* **RBI का रुख:** रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा गया है, लेकिन महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी है।
**आम आदमी पर असर:**
बढ़ती महंगाई सीधे तौर पर आम आदमी की जेब पर असर डालती है। खाने-पीने की चीज़ों के दाम बढ़ने से घर का बजट बिगड़ जाता है। हालांकि, कुछ ज़रूरी चीज़ों जैसे आलू और प्याज के दाम कम होना थोड़ी राहत दे सकता है। वहीं, कीमती धातुओं में आई भारी महंगाई ने भी आम आदमी की मुश्किलें बढ़ाई हैं। RBI की चिंता बढ़ने का मतलब है कि भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका बनी रह सकती है, जिसका असर लोन और EMI पर पड़ सकता है।
यह देखना अहम होगा कि सरकार और RBI महंगाई पर काबू पाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
