**बड़ी खबर: भारत अगले 5 वर्षों में 7-8% की GDP वृद्धि दर हासिल करने के लिए तैयार, ‘विकसित भारत’ लक्ष्य की ओर बढ़ा देश**
**नई दिल्ली:** भारत 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ताजा अनुमानों और सरकारी पहलों के अनुसार, देश अगले पांच वर्षों में 7-8% की निरंतर आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने की राह पर है। यह अभूतपूर्व विकास दर निजी निवेश, निर्यात में वृद्धि और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की नीति पर आधारित है।
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के अध्यक्ष महेंद्र देव ने हाल ही में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए 7-8% की जीडीपी वृद्धि दर को आवश्यक बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निजी क्षेत्र का निवेश और निर्यात वृद्धि दोनों ही इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह दर्शाता है कि सरकार न केवल घरेलू उत्पादन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि वैश्विक बाजारों में भारत की उपस्थिति को भी मजबूत कर रही है।
**मुख्य बिंदु:**
* **आर्थिक विकास दर:** भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2025-26 में 7.7% की दर से बढ़ी है, जिससे यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गई है। अनुमान है कि यह वृद्धि दर अगले वर्षों में भी जारी रहेगी।
* **निजी निवेश और निर्यात:** ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निजी निवेश और निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का ध्यान घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने पर है।
* **आत्मनिर्भर भारत:** ‘आत्मनिर्भर भारत’ की नीति का उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और घरेलू उत्पादन को बढ़ाना है। इसके तहत 100 वस्तुओं की पहचान की गई है जिनका घरेलू विनिर्माण बढ़ाया जाएगा।
* **विनिर्माण क्षेत्र का प्रभुत्व:** उत्पादन-संबंधित प्रोत्साहन (PLI) जैसी योजनाओं ने विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा दिया है, जिससे ₹2 लाख करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित हुआ है और 12.6 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं।
* **रोजगार सृजन:** सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र अब कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता बन गया है, जो 38.9 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दे रहा है।
यह रणनीतिक दृष्टिकोण न केवल भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों के जीवन स्तर में भी सुधार लाएगा। सरकार की विभिन्न योजनाएं, जैसे कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्किल इंडिया मिशन, और मेक इन इंडिया, इस विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन पहलों से छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
यह परिवर्तन ‘ब्रेक इनसाइडर’ जैसे प्लेटफॉर्म पर भी आर्थिक विकास की गति को दर्शाता है, जो निरंतर भारत की आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालता है [Internal Link 1]। भारत की यह आर्थिक यात्रा, ‘राष्ट्र प्रथम’ के सिद्धांत के साथ, देश को एक वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
