**बड़ी खबर: RBI ने बढ़ाई ब्याज दरें, आम आदमी की EMI पर पड़ेगा सीधा असर!**
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम आदमी को एक बड़ा झटका देते हुए अपनी प्रमुख ब्याज दर, रेपो रेट, में 25 आधार अंकों (bps) की वृद्धि कर दी है. इस फैसले के बाद रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो गया है. इस बढ़ोतरी के साथ ही RBI ने अपनी मौद्रिक नीति के रुख को ‘तटस्थ’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है, जिसका सीधा मतलब है कि निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें खत्म हो गई हैं.
**मुख्य बिंदु:**
* **रेपो रेट में वृद्धि:** RBI ने रेपो रेट को 25 bps बढ़ाकर 5.50% कर दिया है. यह वृद्धि 7 अक्टूबर 2026 को हुई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में तय की गई.
* **बढ़ा हुआ स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट:** रेपो रेट में बढ़ोतरी के साथ ही SDF रेट 5.25% और MSF रेट तथा बैंक रेट 5.75% हो गए हैं.
* **’कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ का रुख:** RBI ने नीतिगत रुख को ‘तटस्थ’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है, जो महंगाई पर नियंत्रण की मजबूत मंशा को दर्शाता है.
* **महंगाई पर चिंता:** RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए मुद्रास्फीति (Inflation) का अनुमान 5.0% से बढ़ाकर 5.2% कर दिया है. वहीं, तीसरी तिमाही (Q3) में महंगाई 6.0% तक पहुंचने का अनुमान है.
* **आर्थिक विकास का अनुमान:** इन सबके बावजूद, RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP विकास दर के अनुमान को 6.7% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया है.
**आम आदमी पर असर:**
इस बढ़ोतरी का सबसे सीधा असर होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन जैसी फ्लोटिंग-रेट वाली ईएमआई (EMI) पर पड़ेगा. जिन लोगों ने इन दरों पर लोन लिया है, उनकी ईएमआई बढ़ सकती है, जिससे उनके मासिक खर्चों में इजाफा होगा. हालांकि, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाले ब्याज में वृद्धि की उम्मीद की जा सकती है, जो बचत करने वालों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.
यह कदम वैश्विक अनिश्चितताओं, बढ़ते कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू महंगाई दबावों के बीच अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के RBI के प्रयास को दर्शाता है. RBI का यह फैसला यह भी संकेत देता है कि निकट भविष्य में ब्याज दरों में कमी की संभावना कम है, और यह आम आदमी के वित्तीय नियोजन को प्रभावित कर सकता है.
