**भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की बड़ी पहल: जानिए क्या हैं नई योजनाएं और सब्सिडी!**
**नई दिल्ली:** भारत सरकार देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। प्रदूषण कम करने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने के लक्ष्य के साथ, सरकार विभिन्न योजनाओं और सब्सिडी के माध्यम से ईवी अपनाने को प्रोत्साहित कर रही है।
**मुख्य बिंदु:**
* **पीएम ई-ड्राइव योजना:** यह योजना 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2028 तक लागू है और इसका कुल परिव्यय ₹10,900 करोड़ है। इसके तहत ई-दोपहिया, ई-तिपहिया, ई-ट्रक, ई-बस और ई-एम्बुलेंस जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों को समर्थन दिया जा रहा है।
* **सब्सिडी:** ई-2डब्ल्यू और ई-3डब्ल्यू के लिए, प्रति किलोवाट घंटा ₹2,500 की सब्सिडी दी जा रही है, जो प्रति वाहन ₹5,000 तक सीमित है। हालांकि, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए यह प्रोत्साहन 31 जुलाई 2026 को समाप्त होना तय है, जबकि ई-रिक्शा और ई-कार्ट के लिए यह मार्च 2028 तक जारी रहेगी।
* **’लीफ’ (LEAF) फोरम का लॉन्च:** हाल ही में, ‘लाइट इलेक्ट्रिक-व्हीकल एक्सेलेरेशन फोरम’ (LEAF) लॉन्च किया गया है। यह एक उद्योग-नेतृत्व वाला मंच है जो ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को बढ़ावा देगा और देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों को अपनाने में तेजी लाएगा।
* **चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर:** इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना एक लाइसेंस-मुक्त गतिविधि है। विद्युत मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्गों सहित ईवी चार्जिंग को बेहतर बनाने के लिए दिशानिर्देश भी जारी किए हैं।
* **GST लाभ:** सभी ईवी पर केवल 5% GST लगता है, जबकि पेट्रोल और डीजल वाहनों पर 18% या 40% GST लगता है।
* **राज्य-वार सब्सिडी:** विभिन्न राज्य अपनी ईवी नीतियों के तहत अतिरिक्त सब्सिडी, रोड-टैक्स और पंजीकरण शुल्क में छूट प्रदान कर रहे हैं।
**आम आदमी पर प्रभाव:**
इन सरकारी पहलों से इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद लागत में काफी कमी आई है। सब्सिडी और कर छूट के कारण, ईवी अब आम आदमी के लिए अधिक सुलभ हो गए हैं। इससे न केवल लोगों को ईंधन लागत में बचत होगी, बल्कि देश को स्वच्छ हवा और टिकाऊ परिवहन की दिशा में आगे बढ़ने में भी मदद मिलेगी। यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के अनुरूप है और सतत मोबिलिटी को बढ़ावा देगी।
