**भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता आज से पूरी तरह लागू, दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना होने की उम्मीद**
नई दिल्ली: भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 15 जुलाई 2026 से पूरी तरह से लागू हो गया है। यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों में एक नए युग की शुरुआत कर रहा है। इस व्यापक आर्थिक और व्यापारिक समझौते (CETA) के लागू होने से अगले कुछ वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार के दोगुना होकर 112 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
**समझौते के मुख्य बिंदु:**
* **व्यापार में वृद्धि:** भारत और यूके के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार वर्तमान 56 बिलियन अमेरिकी डॉलर (वित्तीय वर्ष 2024-25) से बढ़कर 2030 तक 112 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का लक्ष्य है।
* **भारतीय निर्यातकों को लाभ:** भारत को अपने 99% से अधिक निर्यात पर शुल्क-मुक्त पहुंच मिली है, जिसमें श्रम-गहन क्षेत्र जैसे कपड़ा, चमड़ा, आभूषण, फल और सब्जियां, साथ ही ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स शामिल हैं। पहले इन पर 4 से 16% तक का टैरिफ लगता था।
* **पेशेवरों की गतिशीलता:** यह समझौता आईटी और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में पेशेवरों की आवाजाही को भी आसान बनाएगा।
* **सामाजिक सुरक्षा:** लगभग 75,000 से अधिक भारतीय श्रमिकों के लिए यूके में पांच साल तक के प्रवास के लिए दोहरे सामाजिक सुरक्षा योगदान की आवश्यकता को समाप्त कर दिया जाएगा।
**आम आदमी पर प्रभाव:**
इस समझौते से भारतीय उपभोक्ताओं को यूके से आयात होने वाले विभिन्न सामानों की कीमतों में कमी का लाभ मिल सकता है। वहीं, भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाजार खुलेंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। यह समझौता भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, क्योंकि मोबाइल फोन निर्माण योजनाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
यह समझौता भारत के लिए पश्चिम के किसी प्रमुख देश के साथ पहला व्यापक व्यापार समझौता है, जो भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत आर्थिक खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
