देश के करोड़ों नागरिकों को सीधे लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘डिजिटल इंडिया मिशन 2.0’ के तहत एक बड़ी पहल की घोषणा की है। इस ऐतिहासिक कदम के तहत, सरकारी सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का व्यापक एकीकरण किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और दक्षता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।
- डिजिटल इंडिया 2.0 का नया अध्याय: सरकार का लक्ष्य अब सिर्फ कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर तकनीक के माध्यम से नागरिकों को सशक्त बनाना है। ‘डिजिटल इंडिया 2.0’ नागरिकों की पहुंच, प्रौद्योगिकी और शासन के बीच संबंधों को नया रूप दे रहा है।
- कई क्षेत्रों में AI का विस्तार: स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, शिकायत निवारण और सार्वजनिक प्रशासन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में AI तकनीक को शामिल किया जाएगा, जिससे सेवाओं की डिलीवरी तेज होगी।
- दक्षता और पारदर्शिता में वृद्धि: AI-पावर्ड चैटबॉट, ऑटोमेटेड प्रोसेसिंग और डेटा एनालिटिक्स से प्रक्रियाओं में लगने वाला समय कम होगा, भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और सरकारी कामकाज में जवाबदेही बढ़ेगी।
- भाषा बाधा होगी दूर: ‘भाषिणी’ और ‘भारतजेन’ जैसे स्वदेशी AI प्लेटफॉर्म भारतीय भाषाओं में डिजिटल सेवाओं तक पहुंच आसान बनाएंगे, जिससे दूरदराज के इलाकों तक भी इसका लाभ पहुंचेगा।
- नागरिकों को त्वरित और व्यक्तिगत सेवाएँ: AI-आधारित सिस्टम नागरिकों को उनकी जरूरतों के अनुसार व्यक्तिगत जानकारी और सहायता प्रदान करेंगे, जिससे सरकारी सेवाओं का अनुभव बेहतर होगा।
- इंडिया AI मिशन 2047 का दृष्टिकोण: यह पहल ‘इंडिया AI मिशन 2047’ के तहत भारत को एक वैश्विक AI महाशक्ति बनाने के व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसके लिए ₹10,300 करोड़ से अधिक का बजट आवंटित किया गया है।
इस पहल से आम आदमी के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी, सेवाओं का लाभ तेजी से मिलेगा और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम होगी। डिजिटल सशक्तिकरण के इस युग में भारत दुनिया के सामने एक नया मॉडल पेश करने को तैयार है, जो भविष्य के कारोबारी परिदृश्य और उभरती प्रौद्योगिकियों को भी आकार देगा। इस संदर्भ में, यह जानना दिलचस्प होगा कि कौन सी प्रमुख उभरती प्रौद्योगिकियां 2026 और उसके बाद व्यापारिक परिदृश्य को आकार दे रही हैं। अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरों के लिए ब्रेक इनसाइडर पर विजिट करें।
