नई दिल्ली: देश की सर्वोच्च न्यायपालिका में एक बड़ा बदलाव आया है। भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि को मंजूरी दे दी है, जिससे अब कुल 38 न्यायाधीश मुकदमों का निपटारा करेंगे। यह फैसला देश में न्याय प्रक्रिया को तेज करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्य बिंदु:
- सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी गई है।
- इसमें मुख्य न्यायाधीश के अलावा 37 अन्य न्यायाधीश शामिल होंगे।
- यह वृद्धि सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 के तहत की गई है।
- इसका मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों की बढ़ती संख्या से निपटना और न्याय प्रक्रिया को सुगम बनाना है।
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 16 मई, 2026 को इस अध्यादेश को अधिसूचित किया।
आम आदमी पर असर:
न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि से अदालतों में मुकदमों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। इससे आम लोगों को न्याय मिलने में लगने वाला समय कम हो सकता है, जो कि न्याय व्यवस्था की एक बड़ी चुनौती रही है। सुप्रीम कोर्ट में अब अधिक पीठें गठित हो सकेंगी, जिससे संवैधानिक और महत्वपूर्ण मामलों पर तेजी से सुनवाई संभव होगी। यह कदम न्याय में देरी की समस्या को कम करने और आम आदमी तक न्याय की पहुंच को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
