नई दिल्ली: शेयर बाज़ार में सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को भारी गिरावट देखी गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स लगभग 900 अंक फिसलकर 73853 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 250 अंकों से ज्यादा गिरकर 22900 के स्तर पर आ गया। इस बड़ी गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹5 लाख करोड़ की कमी आई।
बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण:
- बैंकिंग शेयरों में बिकवाली: एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े प्राइवेट बैंकों के शेयरों में भारी बिकवाली ने बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया। एक्सिस बैंक का शेयर करीब 4% तक गिर गया।
- वैश्विक बाजारों में कमजोरी: अमेरिकी बाजारों में गिरावट और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
- विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली: इस महीने विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली भी बाजार में गिरावट का एक अहम कारण बनी।
- तकनीकी कारण: बाजार के छह महीने के निचले स्तर के करीब पहुंचने पर ‘वैल्यू बाइंग’ (सस्ते स्तरों पर खरीदारी) देखने को मिली थी, लेकिन इस मंदी (bearishness) के बढ़ने से गिरावट तेज हुई।
आम आदमी पर असर: शेयर बाज़ार में इस तरह की गिरावट का सीधा असर आम निवेशकों के निवेश पर पड़ता है। उनके पोर्टफोलियो का मूल्य कम हो जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। हालाँकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट अस्थाई हो सकती है और बाज़ार में फिर से तेजी आने की उम्मीद है।
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