नई दिल्ली: देश में महंगाई की मार लगातार बढ़ती जा रही है. जहां एक ओर आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरतें महंगी हो रही हैं, वहीं भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला किया है. इससे आम लोगों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद कम है.
* **रेपो रेट अपरिवर्तित:** RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने 5.25% पर रेपो रेट को बनाए रखा है. साथ ही, मौद्रिक नीति के ‘न्यूट्रल’ रुख को भी बरकरार रखा गया है.
* **महंगाई पर चिंता:** RBI का अनुमान है कि खाद्य पदार्थों और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण वित्तीय वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही तक महंगाई दर 5.9% तक पहुंच सकती है.
* **आम आदमी पर असर:** कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है. आटा, चावल, तेल, चीनी जैसी रोजमर्रा की चीजें 40% तक महंगी हो गई हैं, जिससे आम आदमी का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है.
* **वैश्विक कारण:** पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन में बाधाएं महंगाई को बढ़ाने वाले प्रमुख वैश्विक कारक हैं.
यह स्थिति आम आदमी के लिए चिंताजनक है, क्योंकि एक ओर जहां उनकी आय सीमित है, वहीं दूसरी ओर घर का खर्च हर महीने बढ़ता जा रहा है. खाद्य पदार्थों से लेकर अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि आम लोगों के जीवन को मुश्किल बना रही है.
यह स्थिति बिजनेस न्यूज में भी चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि बढ़ती महंगाई का सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ता है.
