नई दिल्ली: बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगने वाला है। मई 2026 से देश के कई शहरों में बिजली की दरें बढ़ने की संभावना है। कर्नाटक के बेंगलुरु जैसे शहरों में पहले से ही बिजली के दाम में वृद्धि हो चुकी है, जिससे आम आदमी के बजट पर सीधा असर पड़ेगा।
* **बढ़ोतरी का कारण:** बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) द्वारा 2024-25 में हुए राजस्व घाटे की भरपाई के लिए यह बढ़ोतरी की जा रही है।
* **बेंगलुरु में प्रभाव:** बेंगलुरु में, प्रति यूनिट 56 पैसे की अतिरिक्त दर लागू हो गई है, जिससे 250 यूनिट बिजली की मासिक खपत वाले परिवार के बिल में लगभग ₹140 प्रति माह का इजाफा होगा।
* **अन्य शहरों में भी आसार:** सुप्रीम कोर्ट के एक निर्देश के अनुसार, विभिन्न राज्यों में रेगुलेटरी एसेट्स (राजस्व अंतर) को समयबद्ध तरीके से निपटाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसका सीधा असर खुदरा टैरिफ पर पड़ेगा, जिससे कुछ राज्यों में बिजली महंगी हो सकती है।
* **सोलर की ओर बढ़ता भारत:** वहीं, दूसरी ओर सरकार “पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना” के तहत सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी देकर लोगों को राहत देने का प्रयास कर रही है। इस योजना का लक्ष्य 2027 तक एक करोड़ घरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाना है, जिससे लोगों को मुफ्त बिजली मिल सके।
यह मूल्य वृद्धि आम आदमी के लिए चिंता का विषय है, खासकर जब पहले से ही महंगाई से जूझ रहा हो। जहां एक ओर बिजली कंपनियां अपने घाटे की भरपाई कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर भविष्य में बिजली की लागत को कम करने की दिशा में कदम उठा रही है।
