Hindi Insight: Oct 13, 2026

# सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ी: अब 38 न्यायाधीशों के साथ न्याय व्यवस्था होगी और मजबूत

**नई दिल्ली:** भारत के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि की गई है, जिससे न्याय वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अब कुल 38 न्यायाधीश (मुख्य न्यायाधीश सहित) सर्वोच्च न्यायालय में मामलों का निपटारा करेंगे।

**मुख्य बिंदु:**

* **संख्या वृद्धि:** सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की कुल संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी गई है।
* **कानूनी आधार:** यह वृद्धि ‘सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अधिनियम, 2026’ के माध्यम से की गई है, जिसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है।
* **कारण:** न्यायाधीशों की संख्या में यह बढ़ोतरी लंबित मामलों के बढ़ते बोझ को कम करने और महत्वपूर्ण संवैधानिक सवालों पर त्वरित निर्णय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। 2026 की शुरुआत में ही सुप्रीम कोर्ट में 92,101 से अधिक मामले लंबित थे।
* **नियुक्तियां:** हाल ही में, गुजरात उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपिलेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 37 हो गई है, जो स्वीकृत संख्या से एक कम है।
* **न्यायपालिका पर प्रभाव:** न्यायाधीशों की बढ़ी हुई संख्या से न्यायालय अधिक कुशलता से काम कर सकेगा और न्याय मिलने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।

इस महत्वपूर्ण कदम से आम आदमी को न्याय मिलने में तेजी आने की उम्मीद है, क्योंकि लंबित मामलों का बोझ कम होगा और महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई के लिए बड़ी पीठों का गठन आसान हो जाएगा।

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