**लेह: जैविक खेती का गढ़ बनेगा लद्दाख, 207 गांवों को मिली ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन**
**लद्दाख बना जैविक खेती का हब: 102 नए गांवों को मिली ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन, अब कुल 207**
लद्दाख, भारत का एक ऐसा केंद्र शासित प्रदेश बन रहा है जो जैविक खेती के क्षेत्र में एक मिसाल कायम कर रहा है। हाल ही में, 102 और गांवों को ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन मिलने के साथ, इस क्षेत्र में अब कुल 207 गांवों ने जैविक खेती का दर्जा प्राप्त कर लिया है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को जैविक खेती का एक प्रमुख केंद्र बनाने के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
**मुख्य बिंदु:**
* **जैविक गांवों की बढ़ी संख्या:** लेह और कारगिल जिलों में 102 नए गांवों को ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है, जिससे लद्दाख में कुल जैविक प्रमाणित गांवों की संख्या 207 हो गई है।
* **पीएम मोदी का विजन:** यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश में जैविक खेती को बढ़ावा देने, पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार के विजन के अनुरूप है।
* **पारंपरिक कृषि विकास योजना (PKVY):** इन गांवों को भारत सरकार की राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन के तहत पारंपरिक कृषि विकास योजना (PKVY) के माध्यम से बढ़ावा दिया जा रहा है।
* **पर्यावरण संरक्षण:** यह कदम नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करने, महत्वपूर्ण मिट्टी और जल संसाधनों को संरक्षित करने और जलवायु-लचीला कृषि के निर्माण में मदद करेगा।
* **स्थानीय किसानों को लाभ:** जैविक खेती को मजबूत करने से न केवल कृषि उपज की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय किसानों के लिए आजीविका के अवसर भी बेहतर होंगे।
**आम आदमी पर प्रभाव:**
लद्दाख के जैविक खेती के केंद्र के रूप में उभरने से देश भर के किसानों को प्रेरणा मिलेगी। यह कदम न केवल स्वास्थ्यवर्धक भोजन की उपलब्धता को बढ़ाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को भी बढ़ावा देगा। भविष्य में, भारत जैविक उत्पादों के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित हो सकता है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
