**महंगाई की मार: आम आदमी का बजट हुआ बेपटरी, जून में खुदरा महंगाई दर 4.4% पर पहुंची**
**नई दिल्ली:** देश की आम जनता पर महंगाई की मार लगातार बढ़ती जा रही है। जून 2026 में खुदरा महंगाई दर (CPI) बढ़कर 4.4% पर पहुंच गई है, जो पिछले 18 महीनों का उच्चतम स्तर है। खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी इस वृद्धि की मुख्य वजह बताई जा रही है।
**मुख्य बिंदु:**
* **खुदरा महंगाई दर में उछाल:** मई 2026 में 3.9% रही खुदरा महंगाई दर जून में बढ़कर 4.4% हो गई।
* **खाद्य पदार्थों के दाम बढ़े:** जून में खाद्य महंगाई दर 5.32% पर पहुंच गई। चावल, तिलहन और दालों की कीमतों में तेज वृद्धि देखी गई है।
* **ईंधन की कीमतों में वृद्धि:** पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ईंधन की महंगाई भी बढ़ी है।
* **कोर महंगाई स्थिर:** हालांकि, कीमती धातुओं को छोड़कर कोर महंगाई दर 3.9% पर स्थिर बनी हुई है, जो मांग पक्ष की ओर से कोई दबाव न होने का संकेत देती है।
* **ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक असर:** ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर 4.74% दर्ज की गई, जो शहरी क्षेत्रों (3.92%) की तुलना में काफी अधिक है।
* **अर्थव्यवस्था की मजबूती:** इन सबके बीच, भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत बनी हुई है। औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों का प्रदर्शन अच्छा रहा है और घरेलू मांग में भी मजबूती देखी जा रही है।
* **विदेशी निवेश बढ़ा:** विदेशी निवेश में सुधार से अर्थव्यवस्था के प्रति निवेशकों का विश्वास बढ़ रहा है।
**आम आदमी पर असर:**
बढ़ती महंगाई, खासकर खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में इजाफा, सीधे तौर पर आम आदमी के बजट पर भारी पड़ रहा है। रसोई का खर्च बढ़ गया है, जिससे निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए जीवनयापन मुश्किल हो रहा है। सब्जियों और दालों के दामों में बेतहाशा वृद्धि ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के जुलाई 2026 के बुलेटिन के अनुसार, अर्थव्यवस्था भले ही मजबूत बनी हुई है, लेकिन बढ़ती महंगाई आम लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और RBI इस स्थिति से निपटने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
