# **RBI का बड़ा फैसला: रेपो रेट स्थिर, GDP ग्रोथ का अनुमान बरकरार, जानें आम आदमी पर क्या होगा असर!**
**नई दिल्ली:** भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी नवीनतम मौद्रिक नीति समीक्षा में देश की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा ऐलान किया है. केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट को 5.25% पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है, साथ ही GDP ग्रोथ के अनुमान को भी स्थिर रखा है. इस फैसले का सीधा असर आम आदमी की जेब और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला है.
**मुख्य बिंदु:**
* **रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं:** RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखने का निर्णय लिया है. इससे होम लोन, कार लोन और अन्य कर्ज़ों की EMI में तत्काल कोई राहत मिलने की उम्मीद कम है.
* **’न्यूट्रल’ स्टैंड जारी:** RBI ने अपनी मौद्रिक नीति के रुख को ‘न्यूट्रल’ बनाए रखा है, जिसका अर्थ है कि भविष्य में ब्याज दरों में कटौती या वृद्धि की संभावना बनी रहेगी, जो आर्थिक हालातों पर निर्भर करेगी.
* **GDP ग्रोथ का अनुमान:** RBI ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर का अनुमान 6.9% पर बरकरार रखा है. यह भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद को दर्शाता है.
* **मुद्रास्फीति (Inflation) पर नजर:** RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं, खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण मुद्रास्फीति पर नजर रखी जा रही है. मार्च 2026 तक खुदरा मुद्रास्फीति 3.40% दर्ज की गई थी.
* **आर्थिक विकास के लिए प्रयास:** RBI ने व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देने के लिए कुछ उपायों का प्रस्ताव भी दिया है, जिससे अर्थव्यवस्था को और गति मिल सके.
**आम आदमी पर असर:**
रेपो रेट में स्थिरता का मतलब है कि मौजूदा समय में लोन की EMI में कोई बड़ी राहत की उम्मीद नहीं है. हालांकि, स्थिर GDP ग्रोथ का अनुमान अर्थव्यवस्था में स्थिरता का संकेत देता है, जो दीर्घकालिक निवेश और रोज़गार के अवसरों के लिए अच्छा है. RBI की मुद्रास्फीति पर पैनी नज़र आम आदमी को महंगाई से राहत दिलाने में मदद कर सकती है. विश्व बैंक के अनुसार, भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना रहेगा.
